चांदनी रात सनम चांद निराला निकला | jija sali funny shayari

चांदनी रात सनम चांद निराला निकला,
गये थे साली से मिलने सामने साला निकला।

chandani raat sanam chaand nirala nikala,
gaye the saali se milane saamane saala nikala.

जी चाहता है मैं आकाश की बाँहों समेट लूँ,
तुझको ये साली जी, मैं अपनी बाँहों में समेट लूँ।

jee chaahata hai ki main aakaash kee baanhon samet loon,
tuzako ye saalee jee, main apanee baanhon mein samet loon.

तेरी बाँहों में आकर हमने दुनियाँ को पहचाना है,
होता है प्यार चीज क्या, हमने अब जाना है।

teree baanhon mein aakar hamane duniyaan ko pahchaana hai,
hota hai pyaar cheej kya, hamane ab jaana hai.

जीजा जी तुम कभी मुझसे ऐसी बातें ना करो,
मुझसे जा सही, मगर इस जमाने से तो डरो।

डर नहीं है मुझको, इस रस्म और जमाने से,
सफल होगी मेरी जिन्दगी, सिर्फ तेरा प्यार पाने से।

पहचान तो तुझसे, हमारी पुरानी ही जान पड़ती है,
मेरे दिल में ऐसाली जी, तुम ही रहा करती हो।

दिल में रहने से कुछ होता नहीं है,
रात में बुलाओ जब कोई जागता नहीं है।

शित तो मेरी इन आँखों मैं ही, गुजरा करती है,
तेरी कम्बख दीदी मेरी पीछे हरदम रहा करती है।

दीदी से पीछा छुड़ाने का, मैं हल बता दूंगी,
ऐ जीजा जी तुमको में, जवानी का मजा चखा दूंगी।

दिल की तड़पन जब हद से आगे बढ़ जाती है.
ऐसाली जी, उस वक्त तेरी याद बहुत आती है।

मैं न जाऊँगी ऐ जीजा जी अब,
दिन में प्यार और रातों में आहे भर लेना।
जब ये राज सारी दुनियाँ जानेगी,
तुम खुल्लम खुल्ला प्यार हमसे कर लेना।

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