jija sali ke chutkule shayari | जीजा साली शायरी

मुश्किल है दीदार साली के,
आज सालों के साथ बैठकर।
दिल और बेचैन हो गया,
आज खिड़की उनकी बन्द देखकर।।

mushkil hai deedaar saalee ke,
aaj saalon ke saath baithakar.
dil aur bechain ho gaya,
aaj khidakee unakee baand dekhakar.

सोचा था बड़ी नहीं छोटी ही सही,
पर पट न सकी साली कोई।
सूरत है इस दिल में तेरी,
कैसे मिलती मुझको कोई।।

socha tha badee nahin chhotee hee sahee,
par pat na sakee saalee koi.
soorat hai is dil mein teree,
kaise milati mujhko koi.

हुस्न तो दिया ऐ खुदा तुमने, हाय,
इस काली जुल्फों वाली को।
काश, तुमने दिया होता दिल भी,
हमारी इस प्यारी साली को।।

husn to diya ai khuda tum, haay,
yah kaalee julphon vaalee ko.
kaash, tumane dil bhee diya,
hamaaree yah pyaaree saalee ko.

मौहब्बत करनी थी साली से ऐ दिल तुमको,
मगर तू लगा रहा इसकी बड़ी बहनों है।
दुश्वार करके रख दी हमारी यह जिन्दगी,
और बता तुमको क्या मिला इस हसीनों से।।

मेरी अर्थी पर साली जी डाल देना,
अपना लाल दुपट्टा कफन समझ कर।
आराम से सो सकूँगा कब में,
हाय हाय में तेरा दामन समझकर।।

रचाल है तेरी मतवाली,
और आंखें हैं मद की प्याली।
मैं बेहोश हुआ पीकर,
आगोश में जब आई साली।।

तेरा मतवाला हुस्न देख,
दिल मेरा धड़कता है साली।
फिर भी ये तमन्ना है बाकी,
मेरी बनजा दूसरी घरवाली।।

खत लिखती हूँ मैं आपको नीली स्याही से,
फट जाता है कलेजा मेरा आपकी जुदाई से।
इस दिल को आदत ऐसी अल दी,
नजरों ने तेरी पिलाकर।

पीता है जुदा होने के बाद भी,
अपने ही अश्कों को भय समझकर।।
चढी हो जवानी अगर साली पर,
मुश्किल हो जाती है जीजाओं को।

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