jija sali pyar bhari shayari

है दिल में तो है कुछ न कुछ,
ऐ साली जी तेरे भी।
पैगाम ये नजरें देती हैं,
चाहे तू नजरें फेरे भी।।

hai dil mein to hai kuchh na kuchh,
ai saali jee tere bhee.
paigaam ye najaren detee hain,
chaahe tu najaren fere bhi.

पलंग पर लेते हो सिसकियां खुद ही,
भीच कर तकिये से अपनी जवानी को।
हाय साली जी क्यों खफा हो गई,
अगर ले लिया आगोश में तुझ दिवानी को।।

palang par lete ho sisakiyaan khud hee,
bheech kar takiye se apanee javaanee ko.
haay saalee jee kyon khapha ho gaee,
agar le liya aagosh mein tujh divaanee ko.

दिल भी क्या कोई चीज है देने को,
इसे हम दे बैठे जीजा जी को।
कर लिया चकनाचूर दिल शीशे का,
बैठाया दिल में साली को।

यह दिल टूटने से पहले,
ऐसाली गफलत में थे हमारे।
कातिल हसीना के दिल को,
नाजुक समझे हुए थे हमार।।

कहते हैं शराब होगी जितनी पुरानी,
नशा करेगी उतना ही ज्यादा।
कुछ लोग मरते हैं, बड़ी साली पर भी,
क्योंकि जवां तड़पाती है ज्यादा।।

जीने का मजा तो है जब ही,
मेरे आगोश में हो साली तू ही।
वरना क्यों होठों से हिलाकर,
हमारे होश गंवाती हो यूँ ही।।

साली के हुस्न के बिना,
निकलने को है यह जान मेरी।
कर प्यास बुझाने का,
कोई इन्तजाम ऐ बीबी मेरी।।

यूँ धीमे से मुस्करा कर, हाय,
ना देख ऐसाली हसीना।
खाकर तीर मेरी नजरों के,
घायल न हो जाए यह दिवाना।।

मत पूछो आज कौन आया है,
हाय जीजा मेरा आया है।
बड़ी मुद्दत के बाद आज उसने,
मुझको गले से लगाया है।।

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