कोई मुझे बुलाता रहा और मैं सोती रही | jija sali shayari in Hindi

कोई मुझे बुलाता रहा और मैं सोती रही,
दिल के जख्मों को रो-रो के आंसुओं से धोती रही।

koi mujhe bulaata raha aur main sotee rahee,
dil ke jakhmon ko ro-ro ke aansuon se dhotee rahee.

मेरी हालत पर तरस न खाया आपने,
चांद भी मुस्कराता रहा मेरे सामने।

meri haalat par taras na khaya aapne,
chaand bhee muskarata raha mere saamane.

बांह पकड़ ली कसके मेरी वो जरा नहीं शरमाई,
जब अपनी तरफ लगी खींचने मेरी काया घबराई।

baanh pakad lee kasake meri vo jara nahi sharamayi,
jab aapakee taraph lagi khichane meri kaya ghabrayi.

दीवानगी में साली जी आपसे कोई लिपट न जाये,
नजरें मिलाके मुस्कराके यूं देखा न कीजिये।

जीजा का साली की हालत पे असर होगा,
मैं याद करती हूँ दर्द जीजा को होगा।

महबूब मुझसे बिछड़ गया एक छोटी सी बात में,
जाने कहाँ किस हाल में मुझको मिलेगा रात में।

होठों पर मुस्कराहट और नैन झुकाए बैठे हैं,
आप ही तो हैं वो मेरा दिल चुराये बैठे हैं।

मुँह चूम लेने से सब आता नहीं आपको,
हद से आगे बढ़ने की आरजू है आपको।

नादान हो भोली हो क्या करोगी दिल लेकर,
अभी खो दोगी कहीं ले लेना जवान होकर।

मुझे नादान कहते हो मैं सब कुछ समझती हूँ,
तुम्हारे जैसे कई मैं अपनी जेबों में रखती हूँ।

टूट गए बाजू बन्द खुल गए रे कंगना,
सरक गई चोली रे निकल आए हे खुबना।

क्या बिगड़ता है बोसा देने में आपका,
बोसा लने में आपको क्या होता है हासिल।

जख्मी हुआ है दिल इसलिए हाथों में दबाया है,
आपसे प्यार करके हमने यह रोग लगाया है।

आपकी इन्हीं अदाओं में तो हमें प्यार आता है,
तुम कहते ही हमें और ही क्या आता है।

हाथों में कडे छल्ले मेरे कानों में बालियां,
हमें सालो समझकर आप देते हो गालियां।

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