Jija Sali Shayari - Latest Jija Sali Shayari 2020

Jija Sali Shayari
Jija Sali Shayari

प्यार के कूचे से निकले हम तो ये जान कर,
सामने खड़ी थी साली उसको बीबी मान कर।

pyaar ke kooche se nikale ham to ye jaan kar,
saamane khadee thee saali usako beebee maan kar.

खुदा भी ढूढ़ता है तुझको आसमां से ऐ शवाब,
इस जहाँ मैं तेरा कोई शायद ही मिले जवाब।

khuda bhee dhoodhata hai tuzako aasamaan se ai shavaab,
es jaahaan main tera koi shaayad hi mile javaab.

हुस्न का बिखरा है यहाँ हर तरफ शवाब,
बन्द करता हूँ नजर दिल हो न जाए खराब।

husn ka bikhara hai yahaan har taraph shavaab,
band karata hoon najar dil ho na jaye kharab.

कब तक करे बर्बाद हम अपनी ये जवानी,
जा रहे है इस जहां से कुछ तो दे दो निशानी।

हर तरफ का जब सहारा खत्म ही हो जाएगा,
तुमको लेकर जाऊँगा मैं सासजी से मांगकर।

ऐ जीजा जी तुम क्यूँ होकर बैठे हो नाराज,
बजाती हूँ मैं साजें तुम कुछ निकालो आवाज।

बीरानगी सी क्यूँ छाई है तुम्हारे चेहरे पर,
देखते नहीं प्यार करने का मौसम है आज।

क्या सुनाये हम अपने शामे गम की कहानी,
तुम होके मेरी साली जी हमको न पहचानी।

गम को भुलाकर हमने तुम्हें पाया है,
साली जी तुमको हमने गले से लगाया है।

बहारो के बीच ये कैसी है तन्हाई,
खुश है कि तेरे आने का सन्देश कोई लाया है।

तुझे देखके मेरे दिल को कुछ हुआ है,
दिल मेरा तेरे प्यार से यूँ चूर हुआ है।

आजकल अपने घर से निकलते नहीं है हम,
तेरी आस लगाकर जीजा मजबूर हुआ है।

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