Khushi Shayari

हर खुशी-खुशी मांगे आपसे,
जिन्दगी-जिन्दगी मांगे आपसे।

उजाला ही उजाला हो मुकद्दर में आपके,
इतना कि सूरज भी रोशनी मांगे आपसे।

गम की आंधी चलेगी तो में संभल जाऊंगा,
में तो दरिया हूँ समुन्द्र में उतर जाऊंगा।

फांसी पर चढाने की क्या जरुरत है दोस्तों,
तुम मेरी नगीना छीन लोगे तो में खुद ही मर जाउँगा।

सबके चाहने से हर बात नहीं होती,
थोड़े से अन्धेरे में रात नहीं होती।

जो जिन्दगी में सबसे ज्यादा प्यारा हो,
क्या करें उसी से रोज मुलाकात नहीं होती।

हर खामोसी का मतलव इन्कार नहीं होता,
हर ना कामयावी का मतलव हार नहीं होता।

हम पा ना सके तुम्हें तो कोई गम नहीं,
क्योंकि पाने का मतलव प्यार नहीं होता।

जब आपसे मिलने की उम्मीद नजर आयी,
मेरे पैरों में जन्जीर नजर आयी।

गिर पड़े आँसू हमारी आँखों से,
हर आँसू में आपकी तस्वीर नजर आयी।

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